Monday, June 30, 2008

कुछ मशहूर शायरों से !

वो अगर मुझको न भूलें, तो भुलाएँ किसको
हम अगर उनको भुला दें तो किसे याद करें !

पसीना मौत का माथे पे आया, आईना लाओ
हम अपनी जिंदगी की आखिरी तस्वीर देखेंगे !

अँधेरा ही भला है, मैं इसी की क़द्र करता हूँ ,
शबे महताब में अक्सर हुई हैं चोरियां मेरी !

मंजिल पर वो क्या पहुंचेंगे, हर गाम पे धोखा खायेंगे
वो काफले वाले, जो अपने सरदार बदलते रहते हैं !

दुश्मनी जम कर करो पर, इतनी गुंजाईश रहे ,
फिर कभी जब दोस्त बन जायें तो शर्मिंदा न हो

दिल टूटने से, थोडी सी तकलीफ तो हुई ,
लेकिन तमाम उम्र का आराम मिल गया !

2 comments:

महेंद्र मिश्रा said...

दुश्मनी जम कर करो पर, इतनी गुंजाईश रहे ,
फिर कभी जब दोस्त बन जायें तो शर्मिंदा न हो
Bahut badhiya abhivakti. dhanywaad.

Udan Tashtari said...

मोती चुन चुन कर लाये हैं, आभार.