Tuesday, July 15, 2008

मेरा पहला सेर !


( चित्र सस्ता शेर से साभार )

अपनी खिड़की वो झांके
अपनी खिड़की से हम झांके
लगा दो आग , खिड़की में
न हम झांके न वो झांके !

2 comments:

परमजीत बाली said...

बहुत बढिया!!

राज भाटिय़ा said...

आपका पहला शेर ही आग लगऊ निकला, दुसरा थोडा ठ्ण्डा होना चहिये, धन्यवाद