Friday, October 24, 2008

घने बनों में

घने बनों में शहर का पता कहीं न मिला;
भरी थी नाव, मगर नाख़ुदा कहीं न मिला।

लिखी थी किसने ये उलझी सी ज़िन्दगी की ग़ज़ल!
कोई रदीफ़, कोई काफ़िया कहीं न मिला।

महँत बैठे थे काबिज़ सभी शिवालों में;
बहुत पुकारा मगर देवता कहीं न मिला।

सुना तो था कि इसी राह से वो गुज़रे थे,
तलाश करते रहे; नक्श-ए-पा कहीं न मिला।

सफ़र हयात का तनहा ही काट आये नदीम;
लगे जो अपना सा वो काफ़िला कहीं न मिला।

11 comments:

manvinder bhimber said...

लिखी थी किसने ये उलझी सी ज़िन्दगी की ग़ज़ल!
कोई रदीफ़, कोई काफ़िया कहीं न मिला।

महँत बैठे थे काबिज़ सभी शिवालों में;
बहुत पुकारा मगर देवता कहीं न मिला।
dil ko chu gai hai ye lines

युग-विमर्श said...

ग़ज़ल के सभी शेर अच्छे हैं.

मीत said...

सुना तो था कि इसी राह से वो गुज़रे थे,
तलाश करते रहे; नक्श-ए-पा कहीं न मिला।

bahut khoob. acchii ghazal.

राज भाटिय़ा said...

बहुत ही खुब सुरत शेर है.
धन्यवाद

Anonymous said...

लगे जो अपना सा वो काफ़िला कहीं न मिला।
था अतीत, पर वर्तमान है ये :-
पर अब मिलने लगा है इंटरनेट पर

जुड़ने लगा है काफिला अपना सा अब।

अविनाश वाचस्पति said...

लगे जो अपना सा वो काफ़िला कहीं न मिला।
था अतीत, पर वर्तमान है ये :-

पर अब मिलने लगा है इंटरनेट पर
जुड़ने लगा है काफिला अपना सा अब।

पिछली टिप्‍पणी में नाम नहीं आया

इसलिए इसे हमने दोबारा लगाया

राकेश खंडेलवाल said...

गज़ल की खूबियां जिनसे बखानी जाती हैं
तलाशा लफ़्ज़ का लेकिन सिला, कहीं न मिला

सतीश सक्सेना said...

"सफ़र हयात का तनहा ही काट आये नदीम;
लगे जो अपना सा वो काफ़िला कहीं न मिला।"

अपने से लगने वाले लोग बहुत कम हैं, अमर भाई !

seema gupta said...

सफ़र हयात का तनहा ही काट आये नदीम;
लगे जो अपना सा वो काफ़िला कहीं न मिला।

"very touching and emotional expresions"

Regards

Shar said...

अमर जी,
बहुत अच्छी गजल !
हर शेर बढिया ।
================
On a lighter note:
"कोई रदीफ़, कोई काफ़िया कहीं न मिला।"
पहले तो लगा कि मुझ जैसे किसी कवयित्री की लिखी गजल पढ ली होगी :)
सादर ।।

dr. ashok priyaranjan said...

अच्छा िलखा है आपने ।

दीपावली की हािदॆक शुभकामनाएं । ज्योितपवॆ आपके जीवन में खुिशयों का आलोक िबखेरे, यही मंगलकामना है ।

दीपावली पर मैने अपने ब्लाग पर एक रचना िलखी है । समय हो तो आप पढें़और प्रितिक्रया भी दें ।

http://www.ashokvichar.blogspot.com