Friday, January 9, 2009

टूटे यूं संबंध सत्य से

टूटे यूं संबंध सत्य से सभी झूठ स्वीकार हो गये।
ठोकर खाते-खाते आख़िर हम भी दुनियादार हो गये॥

बचपन से सुनते आये थे
सच को आंच नहीं आती है।
पर अब देखा-सच बोलें तो,
दुनिया दुश्मन हो जाती है॥

सत्यम वद, धर्मम चर के उपदेश सभी बेकार हो गये।
ठोकर खाते-खाते………….

खण्डित हुई सभी प्रतिमाएं;
अब तक जिन्हें पूजते आए।
जिस हमाम में सब नंगे हों,
कौन भला किससे शरमाए?

बेचा सिर्फ़ ज़मीर और सुख-स्वप्न सभी साकार हो गये।
ठोकर खाते-खाते…………….

गिद्धों के गिरोह में जबसे
हमने अपना नाम लिखाया।
लोग मरे दुर्भिक्षों में पर,
हमने सदा पेट भर खाया॥

कितने दिन नाक़ारा रहते;हम भी इज़्ज़तदार हो गये।
ठोकर खाते-खाते…………….

9 comments:

Anonymous said...

bahut khub

dr. ashok priyaranjan said...

अच्छा लिखा है आपने । देश के मौजूदा हालात को बयान करते हैं आपके शब्द ।

मैने अपने ब्लाग पर एक लेख लिखा है-आत्मविश्वास के सहारे जीतें जिंदगी की जंग-समय हो पढें और कमेंट भी दें-

http://www.ashokvichar.blogspot.com

Reetesh Gupta said...

कितने दिन नाक़ारा रहते;हम भी इज़्ज़तदार हो गये।

बहुत अच्छी लगी आपकी गजल....बधाई

दिनेशराय द्विवेदी said...

यथार्थ गीत! ब्लागों पर अनगढ़ रचनाओं के बीच इस तरह की रचनाओं को देख अहसास होता है कि कोई जिम्मेदारी से कलाकर्म कर रहा है।

राज भाटिय़ा said...

बचपन से सुनते आये थे
सच को आंच नहीं आती है।
पर अब देखा-सच बोलें तो,
दुनिया दुश्मन हो जाती है॥
बहुत सुंदर रचना लिखी आप ने, आज झुठे का ही बोल बाला है, लेकिन सच फ़िर भी सब से अलग चमकता है , सच को आज भी कोई आंच नही डरते है सच से लोग इसी लिये सच्चे को खत्म करना चाहते है....
धन्यवाद

daanish said...

"thokar khate.khate aakhir,
hm bhi duniyadaar ho gaye.."
waah !! kis saadgi se kisi talkh haqiqat ko byaan kiya hai...
prashansa kis ki karu..?
aapke hausle ki..ya achhi kvita ki?
DONO KI....!! BADHAAEE .
---MUFLIS---

Shardula said...

वाह ! क्या शानदार-जानदार व्यंग है! आज का सत्य !
कल के सत्य को आज क सत्य गल्प में बदल रहा है चारों ओर ।

Satish Saxena said...

वाह ! क्या चित्रण किया है आपने आज की सच्चाई का !मज़ा आगया !

हरकीरत ' हीर' said...

बचपन से सुनते आये थे
सच को आंच नहीं आती है।
पर अब देखा-सच बोलें तो,
दुनिया दुश्मन हो जाती है॥

sahi kha aapne....