Saturday, August 1, 2009

डा० अमर ज्योति--जन्म दिन शुभ हो

पीर के अश्रुओं से भरी लेखनी, शब्द को जन्म दे, खिलखिलाती रहे
राह की धूल यमुना की रेती बनी, आपके भाल टीका लगाती रहे
चार दिन छह दहाई शती त्रय दिवस,आज का ही निरंतर करें अनुसरण
भोर आ नज़्म की वीथिका में किरण, से गज़ल का कलेवर सजाती रहे

सादर शुभकामनाओं सहित


राकेश

9 comments:

अविनाश वाचस्पति said...

जन्‍मदिन की अपार शुभकामनायें
पोस्‍टें अमर हों और
टिप्‍पणियां ज्‍योति फैलाती रहें।

संगीता पुरी said...

डा अमर ज्‍योति जी को जन्‍मदिन की बहुत बहुत बधाई !!

Shardula said...

अमर जी, आपको जन्म दिन की ढेर सारी शुभकामनाएं. आपके कलम की रवानी यूं ही बनी रहे!
========
बहुत ही सुन्दर छंद लिखा है गुरुजी आपने, इस के आगे क्या लिखा जाए अब ?

हार्दिक बधाई, शार्दुला

Udan Tashtari said...

डॉ अमर ज्योति जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.

विवेक सिंह said...

डॉक्टर साहब को जन्मदिन मुबारक हो !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

"डा० अमर ज्योति को जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाऐं.

सतीश सक्सेना said...

कष्ट औरों का महसूस करके चले, आप औरों को खुशियाँ दिलाते रहें ,
पैर अपने छिले, जख्म लेते रहे, मुफलिसों को ही मरहम लगाते रहे
गर्व की बात है शारदा ने तुम्हे , जन्मदिन पर दिया एक आशीष है ,
गीत अंजलि भरे, माँ के आदेश से हम सुबह से खड़े हैं , तेरे द्वार पे !

राकेश भाई के साथ आपके दरवाजे पर सादर शुभकामनायें !

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

डॉ. अमर ज्योति जी को जन्म दिन पर बहुत बहुत शुभकामनाएँ और बधाई!

Dr. Amar Jyoti said...

आप सभी का हार्दिक आभार।