Tuesday, March 23, 2010

रास्ता ही

रास्ता ही

रास्ता ही भूल जाओ एक दिन

आओ मेरे घर भी आओ एक दिन

 

बासी रोटी से ज़रा आगे बढ़ो

उसको टॉफ़ी भी खिलाओ एक दिन

 

क्या मिलेगा ऐसे गुमसुम बैठ कर,

साथ मेरे गुनगुनाओ एक दिन

 

बर्फ़ सम्बन्धों की पिघलेगी ज़रूर

धूप जैसे मुस्कराओ एक दिन

 

घर के सन्नाटे में गुम हो जाओगे

दौड़ती सड़कों पे आओ एक दिन

                          

15 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

kyA baat hai!

Jandunia said...

बहुत सुंदर रचना है।

DR. ANWER JAMAL said...

क्या मिलेगा ऐसे गुमसुम बैठ कर,
साथ मेरे गुनगुनाओ एक दिन
accha kalam hai.
shukriya.

अमिताभ मीत said...

बढ़िया शेर हैं भाई ...

घर के सन्नाटे में गुम हो जाओगे

दौड़ती सड़कों पे आओ एक दिन


बहुत खूब !!

M VERMA said...

क्या मिलेगा ऐसे गुमसुम बैठ कर,
साथ मेरे गुनगुनाओ एक दिन
बहुत सुन्दर

राज भाटिय़ा said...

क्या बात है जी बहुत सुंदर
धन्यवाद

सर्वत एम० said...

मैं अक्सर शर्मिंदा हो जाता हूँ. आज भी यही हादसा हुआ. इतनी मंझे हुए, उस्ताद गजलकार का ब्लॉग और मुझ नाचीज़ की पहुँच इतनी देर बाद. शर्म का मुकाम तो है ही. उस पर एक ताजियाना और कि आप सदियों पहले मेरे ब्लाग तक आ गए और मैंने पहुँचने में एक पूरा युग बिता दिया. गजल के किस-किस शेर की तारीफ करूं, किसे नज़रंदाज़ करूं, यह समस्या है. फिर आप सतीश सक्सेना और श्रद्धा जैन जैसे दिग्गजों के साथ हैं तो आपकी क्वालिटी तो आई.एस.ओ.वाली होनी ही थी. ये लोग किसी की हल्की रचना तो देखना ही नहीं चाहते.
शुक्रगुज़ार हूँ, आप ब्लाग तक आए, पढ़ा, कमेन्ट दिया, नाचीज़ की इज्जतअफजाई की, शुक्रिया.

बेचैन आत्मा said...

बर्फ़ सम्बन्धों की पिघलेगी ज़रूर
धूप जैसे मुस्कराओ एक दिन
--अच्छी गज़ल का नायाब शेर।
--बधाई।

सतीश सक्सेना said...

सर्वत जमाल भाई ने वह सब कह दिया आपके बारे में ! अभी मेरे लिए कुछ नहीं बचा है कहने को !
आपका अपना
सतीश सक्सेना

rajeevspoetry said...

बहुत सुंदर

mridula pradhan said...

achchi lagi.

ठाकुर पदम सिंह said...

भाव शिल्प और प्रवाहमय रचना की जितनी तारीफ़ की जाय कम है ... वाह

राज भाटिय़ा said...

वाह वाह जी बहुत सुंदर रचना.
धन्यवाद

Tripat "Prerna" said...

wah wah...kya baat hai!!!

bahut khoob

http://liberalflorence.blogspot.com/
http://sparkledaroma.blogspot.com/

Kewal Ram said...

Kaphi Sundar Gazal hai